Dharma & Religion!
आंशिक वेद त्रिभाषी
Aansik Veda Trailigual.
25.5.2026. a aa t
आज खाली असल बाद: /
TuDe onli rial Taak: /
अद्य मात्र तथ्यमेव:
आदि शंकराचार्य:
आत्मा अमर ह! तूं शरीर नहीं, आत्मा हव जे अमर होला! ब्रह्म!!
FarsT Shankaraacaarya:
So~l iz immorTal! Yu aar naoT jasT a BoDi, Yu aar So~l! Brahma!!
आदि शंकराचार्य::-
आत्मा अमरमेव! त्वं न तु मात्र शरीर:, त्वं आत्मा! ब्रह्म!!
गौतम बुद्ध:
संसार में दुखे दुख! (ईश्वर! आत्मा गौंड!) सम्यक आचरण, सत्य, अहिंसा, ... ! निर्वाण: आसक्ति, इच्छा, ... से!
Gautam Buddha:
Greef everiwheyar in da WorlD! (GOD! So~l imaeTerial!) BaelensD bihaeviar with Truthfulness, non-bhvaaelensa, ... !
Truthfulness, non-bhvaaelensa, ... . Salveson fraom: TemTeson, sTrong will, ...!
विश्वे सर्वत्र दुखमेव! ( ईश्वर! आत्मा न महत्व पूर्वम्!) सम्यक आचरणम् सत्य, अहिंसा, ...! निर्वाणं:- आसक्ति इच्छायाः!
माधवाचार्य: / देवदत्त शर्मा सम्पूर्णानंदः
संपूर्ण दर्शनम्!
प्रकृति परिवर्तन शीला! परिवर्तने प्रकृति ह! आनंद ह!! राम चलते रहे ले. जीवन मरण! परिवर्तन!!
"जमीं चल रही आसमां चल रहा है, न जाने कहां ये जहां चल रहा है!
हम चल रहे हैं! तुम चल रहे हो, न जाने कहां हम चले जा रहे हैं!!"
इहे त प्रकृति माता महाकाली माता अंतरिक्ष हई, जेकरा उदर में अनेकों IHALOK इहलोकम् ITARLOK इतरलोक परिवर्तन शीला! इति वेद!!!
प्रकृति परिवर्तन शीला! परिवर्तनमेव प्रकृति! आनंद! रमते इति राम:! न तु निर्वाणनं!!
चलैवेति चलैवेति इति ज्ञातव्यं सर्वेभ्यः!!! आनंदमेव चलने.
Ansik Veda Tribhaashi 25.5.2026.